पर्यावरण पर निबंध

पर्यावरण-पर-निबंध

पर्यावरण पर निबंध पर संकेत बिंदु – पर्यावरण एक वरदान पेड़ – पौधे से शुद्धता और सुरक्षा पर्यावरण और मानव विकास पर्यावरण प्रदुषण पर्यावरण की रक्षा उपसंहार पर्यावरण पर निबंध पर्यावरण एक वरदान पर्यावरण हमारे आसपास की परिस्थिति होती है जिससे हम अपने जीवन चक्र को चलते हैं। दूसरे शब्दों में यूँ कहें की ये … Read more

दीपावली पर निबंध

दीपावली-पर-निबंध

दीपावली पर निबंध पर संकेत बिंदु – दीपावली  का अर्थ और महत्त्व अमावस्या का महत्त्व दीपावली की तैयारी दीपावली कैसे मानते हैं उपसंहार दीपावली पर निबंध Diwali essay in Hindi दीपावली का अर्थ और महत्त्व– दीपावली का शाब्दिक अर्थ है -दीपों की आवली या पंक्ति। यह त्यौहार भारत में हिन्दू धर्म में मनाई जाने वाली प्रसिद्ध … Read more

वसंत ऋतु पर निबंध

वसंत-ऋतु-पर-निबंध

” वसंत ऋतु पर निबंध “ पर संकेत बिंदु –  १। वसंत का अर्थ  २। प्रकृति का चमत्कार  ३। मनुष्य व् अन्य जीवों के लिए आनंदकारी  ४। पौराणिक कथा   ५। उपसंहार   वसंत ऋतु पर निबंध  Vasant ritu   वसंत ऋतू की कल्पना करते ही हमारे मन में एक नयी स्फूर्ति और आनंद का … Read more

Nibandh lekhan

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Nibandh lekhan या  Hindi essay हिंदी गद्य साहित्य का एक अंग है। निबंध का अर्थ है- भलीभांति शब्दों में बंधी हुई रचना।  निबंध लेखन विषय सम्बन्धी रचना का ही एक रूप होता है। निबंध लेखन एक साहित्यिक कला है। एक अच्छे निबंध में रचनाकार के विषय सम्बन्धी ज्ञान, भाषा पर अधिकार और उसके व्यक्तित्व की … Read more

samay ka sadupyog

जीवन में सफलता का रहस्य समय के सदुपयोग ( Samay ka sadupyog ) में ही निहित है। इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति जो अपने समय का सदुपयोग करता है, उन्नति के शिखर पर पहुंचता है। संसार के सभी अनुभवी विद्वानों ने समय के महत्त्व को समझाने का प्रयास किया है। यदि धन खो जाये तो … Read more

Kabir ke Dohe

Kabir ke dohe | कबीर के दोहे  Kabir das ke dohe | kabir ke dohe with meaning | kabir ji ke dohe Kabir ke dohe ‘कबीर के दोहे’ में आप देखेंगे कि आपने मानव समाज को नई दिशा, नई सोच, ऊंच-नीच, अभेद्यता, कट्टरता, अंधविश्वास, पाखंड और बुराई पर प्रहार किया। यही कारण है कि कबीर … Read more

कबीर दास

kabir das | कबीर दास kabir das ‘कबीर’ ने जो कुछ कहा है, वह स्वानुभूति के बल पर कहा है, फलतः उनकी वाणी में बड़ी सहजता एवं मार्मिकता है, जो हृदय पर सीधी चोट करती है। कबीर पढ़े-लिखे नहीं थे, इसलिए कुछ लोग उनकी भाषा को अनगढ़ कहते हैं। वास्तव में उनकी भाषा में कृत्रिमता … Read more